यदि कोई विस्फोट होता है तो
- अपनी डैस्क या किसी मजबूत मेज के पीछें शरण ले लें।
- इमारत से जल्दी से जल्दी बाहर निकलें।
- एलीवेटर्स का प्रयोग न करें।
- आग और अन्य खतरों के बारे में पता लगायें।
- यदि समय मिले तो आपातकालीन आपूर्ति किट को साथ ले लें।
यदि आग लग जाये तो
- इमारत से जल्दी से जल्दी बाहर निकलें।
- यदि धुआँ हो तो नीचे होकर रेंगे।
- यदि संभव हो तो अपनी नाक और मुँह को गीले कपड़े से ढँक लें।
- अपने हाथ के पिछले हिस्से का उपयोग बंद दरवाजों के ऊपरी, निचले और बीच के भागों का अंदाजा लगाने के लिये करें।
- यदि दरवाजा गरम नहीं है, इसकी ओर बढ़ें और इसको धीरे से खोलें।
- यदि दरवाजा गरम है, तो इसे न खोलें। बाहर जाने के किसी और रास्ते को तलाशें।
- एलीवेटर्स का प्रयोग न करें।
- यदि आप आग पकड़ लेते हैं तो भागें नहीं। आग को बुझाने के लिये रूकें-लेटें-और-रोल करें।
- यदि आप घर पर हैं तो पहले से निर्धारित किये गये मिलने के बाह्य स्थान पर जायें।
- अपने परिवार के सदस्यों को गिनें और सावधानीपूर्वक बच्चों की देखभाल करें।
- जलती हुई इमारत में वापस अंदर कभी न जायें।
यदि आप मलबे में फंस जाते हैं तो
- यदि संभव हो तो, बचावकर्ताओं को अपना संकेत देने के लिये किसी फ्लैशलाईट का प्रयोग करें।
- अनावश्यक रूप से चलने-फिरने से बचें जिससे कि आप धूल को न उड़ायें।
- अपने हाथ में उपलब्ध किसी भी चीज से अपने मुँह और नाक को ढँक लें। (गाढ़ा बुना हुआ सूती कपड़ा एक अच्छे फिल्टर के रूप में काम कर सकता है। कपड़े में साँस लेने का प्रयत्न करें।)
- किसी पाईप या दीवार को थपथपायें ताकि बचावकर्ता सुन सकें कि आप कहाँ पर हैं।
- यदि संभव हो तो बचावकर्ताओं को संकेत देने के लिये किसी सीटी का प्रयोग करें।
- चीखें तभी जब केवल यही रास्ता बचा हो। चीखने से कोई व्यक्ति धूल की खतरनाक मात्रा को सूँघ सकता है।







